देवास – विश्व प्रसिद्ध माँ टेकरी मंदिर में रील को लेकर हंगामा, वीडियो वायरल – पुजारी हर्षल ने बताई हकीकत……

ए : देवास की विश्व प्रसिद्ध माँ चामुंडा-तुलजा भवानी टेकरी मंदिर से एक बड़ा विवाद सामने आया है। गर्भगृह में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर माया पटेल और उनके साथी द्वारा रील बनाने की जिद को लेकर पुजारी परिवार से कहासुनी हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में मंदिर परिसर में महिलाओं और पुजारी परिवार के बीच बहस साफ देखी जा सकती है।
बताया जा रहा है कि माया पटेल और उनके साथी ने SDM के प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए गर्भगृह में प्रवेश कर रील बनाने की अनुमति मांगी थी।
मंदिर के सेवक पुजारी हर्षल पुजारी ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि “यह 7 तारीख की रात करीब 9 बजे की घटना है। माया पटेल और कुछ अन्य लोग बिना मेरी परमिशन के मंदिर के अंदर घुस आए और वीडियो बनाना शुरू कर दिया। मैंने मना किया कि मंदिर प्रांगण के अंदर वीडियो फुटेज नहीं ले सकते। तो उनका कहना था कि हमें SDM साहब की परमिशन है, हम रिपोर्टर हैं। मैंने कहा परमिशन दिखा दीजिए या प्रोटोकॉल में किसी के साथ आइए। क्या SDM ने आपको ये परमिशन दी है कि आप रील बनाओ कि मैं यहाँ से दर्शन करके निकल रही हूँ, वहाँ जा रही हूँ।”
हर्षिल ने आगे बताया कि मना करने के बाद मनीष नाम का व्यक्ति बहस करने लगा और एक घंटे तक अड़ा रहा कि वो रील बनाकर ही जाएगा।
हर्षल ने कहा – “ऐसे लोगों के कदम ही मंदिर में नहीं पड़ने चाहिए। मैंने साफ कहा – आपको हजार फुटेज बनानी है तो मंदिर के बाहर बनाइए, लेकिन गर्भगृह की मर्यादा का उल्लंघन मत कीजिए। अगर बड़े अधिकारियों ने भेजा होता तो प्रोटोकॉल के तहत कोई व्यक्ति साथ आता। मंदिर में दर्शन करना है तो दर्शन करके जाइए, वीडियो-फोटो इम्पोर्टेन्ट नहीं है।”
वहीं VIP दर्शन के नाम पर पैसे लेने के आरोपों पर पुजारी परिवार ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। पुजारी परिवार का कहना है कि ये आरोप उनकी छवि खराब करने के लिए लगाए जा रहे हैं। उन्होंने मीडिया से अपील की है कि तथ्यों की पुष्टि के बाद ही खबर चलाई जाए ताकि माँ के दरबार की धार्मिक मर्यादा बनी रहे।
इस पूरे मामले को लेकर जब हमने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर माया पटेल से उनका पक्ष और परिचय जानने की कोशिश की तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर देवास में भक्तों में आक्रोश है और मंदिर की मर्यादा बनाए रखने की मांग उठ रही है।



