नेमावर स्थित नर्मदा नदी घाट क्षेत्र हुआ पूर्णतः CCTV कैमरों से लैस-SP गेहलोद

साथ ही नगर परिषद नेमावर बनी जिले की पहली पूर्णतः CCTV निगरानी युक्त नगर परिषद…..
देवास- ज़िला के अंतिम छोर पर बसे नर्मदा नदी का नेमावर नगर परिषद पूर्णतः CCTV कैमरों से लैस हुआ।नेमावर नर्मदा घाट पर 20 स्थानों पर 10 लाख रू की लागत से कुल 57 CCTV कैमरे लगे,वही देवास SP द्वारा लगातार जिले के सभी थाना प्रभारी एवं एसडीओपी गली-मोहल्ला-गाँव-क़स्बे में लगातार भ्रमण कर आम जनता,व्यापारी वर्ग,स्थानीय जन-प्रतिनिधि एवं ग्रामीण तथा नगरीय निकायों को CCTV कैमरा की महत्ता के बारे में समझाइश देकर ज़्यादा से ज़्यादा कैमरा स्थापित करने हेतु प्रयास किये जा रहे है।जिले के थाना नेमावर नर्मदा नदी घाट एवं नेमावर नगर परिषद में आम जनों ने मिसाल क़ायम करते हुवे नगर एवं नर्मदा घाट की सुरक्षा हेतु स्थानीय पुलिस के अभिप्रेरण पर नर्मदा घाट एवं कस्बा नेमावर अन्तर्गत के 20 चिन्हित स्थानों पर क़रीब 10 लाख की राशि पुलिस एवं जनसहयोग से एकत्रित कर कुल 57 नये CCTV कैमरे लगाए गए हैं । SP ने बताया कि CCTV कैमरे के माध्यम से अपराधों की रोकथाम में सीसीटीव्ही कैमरा किस प्रकार सहायक है,उक्त सभी 20 स्थानों का चयन से देवास पुलिस द्वारा “सुरक्षा ऑडिट” के आधार पर किया गया था जिसमे कस्बा नेमावर अन्तर्गत चोरी-गृहभेदन,महिला/बालिकाओं के साथ छेड़छाड़,प्रमुख त्यौहारों के दौरान जुलूस मार्ग,प्रमुख बाजार आदि समस्त आयामो को ध्यान में रखा गया था । साथ ही नर्मदा नदी के पवित्र नेमावर घाट क्षेत्र को श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुदृढ़ कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पूर्णतः CCTV कैमरों से लैस किया गया है। विशेष रूप से अमावस्या, पूर्णिमा, मकर संक्रांति, सोमवती अमावस्या, कार्तिक पूर्णिमा, महाशिवरात्रि एवं अन्य प्रमुख धार्मिक पर्वों पर हजारों श्रद्धालु नर्मदा स्नान एवं पूजा-अर्चना हेतु घाट पर उपस्थित होते हैं। इन अवसरों पर भीड़ नियंत्रण, स्नान घाटों की सुरक्षा, मंदिर परिसर, प्रवेश-निकास मार्ग एवं पार्किंग स्थलों पर 24×7 CCTV निगरानी सुनिश्चित की गई है। सभी कैमरे कंट्रोल रूम से जुड़े हुए हैं, जहाँ से सतत मॉनिटरिंग कर संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी। यह व्यवस्था श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं भयमुक्त वातावरण प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
CCTV कैमरा जहाँ एक तरफ़ अपराधियों पर अंकुश लगाते हैं,वहीं दूसरी तरफ़ किसी अपराध के घटित होने के उपरांत अपराधियों की त्वरित पहचान में भी बड़ी मदद करते हैं । इसी के साथ CCTV फुटेज, पुलिस इन्वेस्टिगेशन में अहम साक्ष्य बनते हैं जिनके आधार पर न्यायालय से अपराधियों को कठोरतम दंड दिलाने में भी पुलिस को मदद मिलती है ।



