Vedika Murder Case | MP: वेदिका हत्याकांड में नया खुलासा, मृतका को गोली मारने के बाद घंटों घूमता रहा BJP नेता प्रियांश, कठघरे में पुलिस
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नई दिल्ली/जबलपुर. जहां एक तरफ शहर के बिल्डर एवं BJP नेता प्रियांश विश्वकर्मा (Priyansh Vishwkarma) की गोली से घायल हुई MBA छात्रा वेदिका ठाकुर की मौत (Devika Thakur Murder) हो गई है। दरअसल MBA छात्रा वेदिका ठाकुर बीते 10 दिनों तक इलाज के बाद अपनी जिंदगी की जंग हार गई और बीते सोमवार को उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया। उसे लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था। वहीं अब इस वेदिका ठाकुर हत्याकांड को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है।
जी हां, मामले पर मिली बड़ी जानकारी के मुताबिक, वेदिका को गोली मारे जाने के बाद आरोपी BJP नेता प्रियांश विश्वकर्मा उसे 7 घंटे तक अपनी गाड़ी में लेकर घूम रहा था। इतना ही नहीं प्रियांश इस हत्या के सबूत को मिटाने के लिए कथित रूप से ऑफिस में लगे CCTV कैमरे के DVR और पिस्टल को साथ लेकर फरार हुआ था।
क्या है घटना
जानकारी दें कि यह घटना 16 जून की है जब कथित तौर पर BJP नेता प्रियांश विश्वकर्मा ने अपने दफ्तर में वेदिका को गोली मार दी थी। दरअसल, 16 जून को दोपहर करीब 1 बजे BJP नेता प्रियांश विश्वकर्मा ने अपने दोस्त देविका ठाकुर को मिलने के लिए अपने धनवंतरी नगर के मंडफैया स्थित ऑफिस में बुलाया था। इसी बीच बातचीत के दौरान प्रियांश विश्वकर्मा की पिस्टल से निकली गोली देविका ठाकुर के सीने में जा लगी।
इलाज में ज्यादा समय लगने से देविका की हालत हुई खराब
इसके बाद देविका की मौसी ने देखा कि देविका मूर्छित हालत में नीचे पड़ी हुई थी। तभी प्रियांश उसे अपनी कार में डालकर यहां वहां घूमता रहा. बाद में कुछ न समझ आ ता देख वह देविका को BJP नेता डॉ. अमित खरे के स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल लेकर गया। पुलिस को बिना सूचना दिए देविका का 6 घंटे तक BJP नेता के अस्पताल में इलाज किया गया। इस बात की किसी को जानकारी ना लगे, जिसके लिए ऊपर ऑपरेशन थिएटर में आने-जाने पर भी पाबंदी लगा दी गई।
मृतका के परिवार पर दबाव
युवती को गोली मारने के आरोप में पुलिस ने बीते 19 जून को बीजेपी नेता प्रियांश विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया था। वहीं पुलिस ने अब इस मामले में आरोपी नेता प्रियांश विश्वकर्मा के खिलाफ पहले से दर्ज केस में हत्या का चार्ज भी जोड़ दिया है। इस बात की भी खबर है कि, आरोपी BJP नेता प्रियांश विश्वकर्मा के द्वारा लगातार वेदिका के परिजनों पर दबाव बनाया जा रहा था। लकिन फिर वेदिका के समर्थन में सैकड़ों कांग्रेसियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया। 70 घंटे बाद जैसे ही प्रियांश सरेंडर करने पहुंचा, उससे पहले ही उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल
हालांकि अब मामले पर पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े हो रहे थे। क्योंकि पुलिस ने घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई भी FIR दर्ज नहीं की थी। दरअसल जब परिजन पुलिस थाने पहुंचे तो पुलिस ने FIR दर्ज करने से साफ़ इंकार कर दिया। इस पर परिजनों ने पुलिस थाने में जबरदस्त हंगामा किया। इसके बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी संजीवनी नगर पुलिस थाने पहुंचे और BJP नेता प्रियांश विश्वकर्मा के खिलाफ धारा 308 गैर इरादतन एवं 25, 26 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।
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