फिर बढ़ी CSP नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें….. ट्रांसपोर्टर से वसूली और हत्या केस में मनमानी…. अब जबलपुर एएसपी अनु वेनीबाल करेंगी दोनों मामलों की जांच…..

कटनी में पदस्थ सीएसपी नेहा पच्चीसिया के कारनामों की गूंज अब पुलिस मुख्यालय भोपाल तक पहुंच गई है। कटनी में एक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी से डरा-धमकाकर अवैध वसूली और एक हत्या के मामले में चालान पेश करने में देरी करने जैसे गंभीर आरोपों में घिरीं सीएसपी नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें अब लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक (IG) जबलपुर ने कटनी पुलिस की स्थानीय जांच को हटाकर इसकी जिम्मेदारी अब एएसपी (ASP) जबलपुर अनु वेनीबाल को सौंप दी है। अब ट्रांसपोर्टर से अवैध रंगदारी वसूली और हत्या के मामले की दोनों जांचें जबलपुर स्तर से होंगी।
रात के अंधेरे में हाईवा रोककर 25 हजार वसूले, चाबी-मोबाइल छीना
घटनाक्रम के अनुसार, साई अपार्टमेंट (गल्ला मंडी रोड) निवासी ट्रांसपोर्ट व्यवसाई महेंद्र कुमार जैन ने पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा को लिखित शिकायत सौंपी थी। 21 जुलाई की रात करीब 11:30 बजे लमतरा धर्मकांटा के पास उनके हाईवा ट्रक को रोका गया। आरोप है कि सीएसपी नेहा पच्चीसिया और उनके ड्राइवर केशव सिंह ने ट्रक चालक असलम के साथ गाली-गलौज करते हुए उसका मोबाइल और वाहन की चाबी छीन ली।
जब व्यवसायी महेंद्र जैन मौके पर पहुंचे, तो उनका भी मोबाइल छीन लिया गया और फर्जी मामलों में फंसाने की धमकी देकर 30,000 की मांग की गई। आखिरकार 25,000 नगद ऐंठकर ट्रक छोड़ा गया और बाकी के 5,000 अगले दिन देने का दबाव बनाया गया। शिकायत के बाद एसपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चालक को निलंबित कर दिया था, लेकिन अब इस पूरे मामले की जांच उच्च स्तर पर ट्रांसफर कर दी गई है।
लोकल जांच से हटाकर आईजी ने जबलपुर एएसपी को सौंपी कमान
इससे पहले रंगदारी वसूली के मामले की जांच कटनी के एएसपी कमल मौर्य कर रहे थे, जिन्होंने सोमवार को शिकायतकर्ता के बयान भी दर्ज किए थे। लेकिन निष्पक्षता और जांच की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आईजी जबलपुर ने कमान एएसपी जबलपुर अनु वेनीबाल को सौंप दी है। व्यवसायी महेंद्र जैन ने घटना के समय की लोकेशन, कॉल डिटेल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर सीएसपी समेत सभी दोषियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है।
सीएसपी के विरुद्ध एक और पुराना मामला उखड़ा, मंगलवार को बयान
सीएसपी के खिलाफ अब शिकायतों की सूची लंबी होती जा रही है। 4 माह पुराना एक और दबा हुआ मामला अचानक ताजा हो गया है। पीड़ित ज्योति आनंद पटेल ने 12 अप्रैल को आईजी से शिकायत की थी कि सीएसपी ने 11 अप्रैल 2026 को उनका 12 चक्का हाइवा नियम विरुद्ध तरीके से पकड़ा था। मुरुम परिवहन के सभी कागजात सही होने के बावजूद अवैध रूप से मामला दर्ज कर वाहन कुठला थाने में खड़ा करवा दिया गया था, जिससे पीड़ित को भारी आर्थिक और सामाजिक नुकसान हुआ। शिकायतकर्ता को मंगलवार को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था।
करोड़ों की जमीन धोखाधड़ी
सीएसपी नेहा पच्चीसिया और उनके एक सहयोगी के द्वारा एक हत्या कांड में आरोपी को बचाने का लालच देकर उसकी जमीन शासकीय गाइडलाइन से भी कई गुना कम कीमत में खरीद कर हड़प करने का मामला विभागीय स्तर पर खूब सुर्खियों में है। आरोप है कि हत्या के केस से बचाने और रिहा करने के एवज में सीएसपी और थाना प्रभारी की शह पर 82.86 लाख रुपये की सरकारी गाइडलाइन (लगभग 1.07 करोड़ बाजार मूल्य) वाली 2.15 हेक्टेयर जमीन महज 18.20 लाख रुपये में सीएसपी के कथित एजेंट के नाम पर रजिस्टर्ड करा ली गई। इस मामले में भी अदालत ने संबंधित थाने से जांच प्रतिवेदन मांगा है। लगातार एक के बाद एक लगते आरोपों के कारण पूरे विभाग की छवि धूमिल हो चुकी है। एक महिला पुलिस अधिकारी के ऊपर इस तरह के आरोप कोई पहली बार नहीं लगे हैं। कुछ समय पूर्व एक महिला डीएसपी ने सिवनी में कुछ पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर 3 करोड़ की डकैती जैसी घटना को भी अंजाम दिया था। जिसके बाद पूरा विभाग सख्ते में आ गया था। किसी तरह वह मामला लोग भूल पाए और अब कटनी सीएसपी नेहा पच्चीसिया के ऊपर लगते आरोपों और उठते गंभीर सवालों ने एक बार फिर विभाग की नींद उड़ा दी है। अब देखना यह है कि विभागीय जांच में क्या कुछ सामने आता है।



