देवास

आसमान ने धोखा दिया, अब पाइपलाइन ही आखिरी उम्मीद – रबी से पहले छलका किसानों का दर्द…..

मानसून की बेरुखी और खेतों में सूखती उम्मीदों के बीच, अन्नदाता का दिल एक बार फिर भारी है। बारिश के मौसम की फसल तो किसी तरह गिरते-पड़ते निकल गई, लेकिन असली परीक्षा अब सामने खड़ी है रबी की फसल जिससे घर का खर्च, कर्ज की किश्तें और आने वाले कल के सपने जुड़े होते हैं।
जब आसमान से बूंदें ढलने लगी हैं, तब किसानों की निगाहें ज़मीन के नीचे बिछी उस ‘नर्मदा माइक्रो सिंचाई परियोजना’ की पाइपलाइनों पर टिकी हैं, आखिर कब होगी यह परियोजना चालू?
ललित चौहान
DLC

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

कृपया खुद मेहनत करें । "धन्यवाद"