देवास

चार साल से फरार इनामी बैंक आपरेशन मैनेजर इन्दौर से हुआ गिरफतार-तहजीब काजी(कन्नौद थाना प्रभारी)

  1. एटीएम में जमा करने थे साढे छः लाख कर दिया था गबन
  2. फरारी में नाम बदलकर कर रहा था ठेकेदारी
  3. नाम एवं पहचान बदलकर काट रहा था फरारी, कई फोन डिटेल की जांच ओर पुलिस के आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण से आया पुलिस गिरफ्त में,
    पुलिस अधीक्षक देवास श्री पुनीत गेहलोद द्वारा फरार आरोपियों की धरपकड हेतु आपरेशन हवालात चलाया जा रहा हैं, थाना कन्नौद में एचडीएफसी बैंक में वर्ष 2022 में पदस्थ आपरेशन मैनेजर शुभम राठौर द्वारा अपनी पद स्थापना के दौरान एटीएम में जमा किया जाने वाले 6 लाख 50 हजार रूपये एटीएम मशीन में से गबन कर लिया गया था, जिसमें बैक के अधिकारी द्वारा जांच के दौराना अपराध पंजीबध्द कराया गया था जिसमें आरोपी घटना के बाद से फरार हो गया था, कई बार उसके निवास स्थन व पेतृत्क स्थान पर पुलिस द्वारा दबिश देने पर भी गिरफतार नही हुआ था इसकी गिरफतारी हेतु पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद द्वारा इनाम की उद्घोषणा कर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमति सौम्या जैन, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस कन्नौद श्री आदित्य तिवारी को आरोपी की शीघ्र गिरफतारी हेतु निर्देशि दिये गये थे, जिसके पालन में अधिकारी द्वेय द्वारा थाना कन्नौद की एक विशेष टीम गठित की गई ओर वर्ष 2022 से अभी तक आरोपी द्वारा उपयोग किये गये इलेक्ट्रानिक गजटस् तथा अन्य तकनीकी जांच के साथ पुलिस के परम्परागत तरीको से पतासाजी की गई, जिसमें पुलिस टीम को जानकारी मिली की आरोपी अपने मूल निवास स्थान उज्जैन में न रहकर इन्दौर में कही नाम बदलकर रह रहा हैं, पुलिस टीम द्वारा लगातार इन्दौर में बने रहकर पतासाजी की गई जिसमें पता चला की आरोपी अभिजीत आर्किटेक के नाम से कंपनी बनाकर ठेकेदारी का कार्य कर रहा हैं, उपरोक्त जानकारी के आधार पर पुलिस टीम द्वारा तकनीकी आधार पर इन्दौर में इसके रहने के स्थान का पता कर लिया गया ओर लगातार 48 घंटे सादावर्दी में निगरानी की गई, ओर घेराबंदी कर दबिश दी गई तो आरोपी द्वारा अपना नाम शुभम होने तथा बैंक में नोकरी करने के संबंध में स्पष्ट इंकार किया गया परंतु पुलिस द्वारा पूछताछ एवं तकनीकी आधार पर उसके नाम एवं पहचान बताई गई तो आरोपी ने भागने का प्रयास किया गया परंतु पुलिस द्वारा दोडते भागते पकडा आरोपी शुभम द्वारा 6 लाख 50 हजार रूपये एचडीएफसी बैंक के एटीएम की राशी गबन करना बताया, जिसपर से आरोपी को गिरफतार कर माननीय न्यायालय पेश कर पुलिस रिमाण्ड प्राप्त कर गबन की राशी एवं अन्य साक्ष्य हेतु पूछताछ की जा रही हैं।,
    उपरोक्त आरोपी गिरफतारी में पुलिस उनि दीपक भोण्डे, प्र.आर. 599 दीपक अग्निहोत्री, आरक्षक 474 बाबी वर्मा, म.आर. निशा मेहर, आरक्षक शिवप्रतापसिंह व आरक्षक युवराजसिंह सोलंकी का सराहनीय योगदान रहा।

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