Cyclone Biparjoy | गुजरात के तट से आज शाम टकराएगा चक्रवाती Cyclone Biparjoy, 8 जिलों के 442 गांवों में अलर्ट, गिराया गया आकाशवाणी का टावर
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मुंबई: चक्रवाती तूफान बिपरजॉय (Cyclone Biparjoy) गुरुवार की शाम यानी आज की शाम गुजरात के तट से टकराएगा। तूफान कच्छ जिले के जखाऊ बंदरगाह पर लैंडफॉल करेगा। अनुमान है कि इसकी स्पीड 125 से लेकर 150 किलोमीटर तक होगी। संभावित नुकसान को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ प्रशासन भी मुस्तैदी से राहत और बचाव कार्य की तैयारी में जुटा हुआ है। तूफान से निपटने के लिए NDRF की टीमें एक्टिव हैं। NDRF टीमों को गुजरात और महाराष्ट्र में तैनात किया है।
राज्य से लेकर केंद्र तक अलर्ट मोड में
बिपरजॉय तूफान को लेकर इस वक्त राज्य से लेकर केंद्र सरकार तक अलर्ट मोड पर है। देश के गृहमंत्री, रक्षा मंत्री, तीनों सेना प्रमुख, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, गुजरात के मुख्यमंत्री और आपदा प्रबंधन से जुड़ा हर कर्मचारी और मौसम विभाग सबकी नजर इस वक्त सिर्फ बिपरजॉय तूफान पर है।
8 जिलों के 442 निचले गांव बाढ़-बारिश से हो सकते हैं प्रभावित
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के उप महानिरीक्षक (अभियान) मोहसिन शहीदी के मुताबिक पिछले 2 दिनों के अंदर गुजरात के तटीय इलाकों से 74 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। अनुमान है कि तूफान कि वजह से 8 जिलों के 442 निचले गांव बाढ़-बारिश से प्रभावित हो सकते हैं।
शहर के 74 हजार लोगों को किया गया है शिफ्ट
तूफ़ान, बाढ़ और बारिश के अनुमान को देखते हुए अकेले कच्छ से करीब 34,300 लोगों को निकाला गया है। मोरबी में 9,243, राजकोट में 6,089, जामनगर में 10,000, देवभूमि द्वारका में 5,035, जूनागढ़ में 4,604, पोरबंदर जिले में 3,469, गिर सोमनाथ जिले में 1,605, लोगों को शिफ्ट किया गया है।
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NDRF की टीमें गुजरात और महाराष्ट्र में तैनात
गुजरात में तूफान से निपटने के लिए NDRF ने की18 टीमें गुजरात में एक्टिव रहेंगी। इसके अलावा एक टीम दादर और नगर हवेली के साथ-साथ दमन और दीव में है। गुजरात में NDRF की 4 टीमों को कच्छ जिले में, तीन टीमों को राजकोट और तीन को द्वारका में तैनात किया गया है। जामनगर में 2, पोरबंदर, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, मोरबी, वलसाड और गांधीनगर में एक-एक टीम तैनात की गई है.
महाराष्ट्र में तैनात रहेंगी NDRF की 14 टीमें
महाराष्ट्र में NDRF की 14 टीमों को तैनात किया गया है। इसमें से 5 को मुंबई में तैनात किया गया है। बाकी को अलर्ट मोड पर रखा गया है। हर टीम में करीब 35-40 कर्मचारी हैं।
आकाशवाणी का टावर गिराया गया
Cyclone Biparjoy के एहतियातन के तौर पर गुजरात के द्वारका में आकाशवाणी के टावर को खुद ही गिरा दिया गया है जिससे आशंका है कि अगर 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चलीं तो ये टावर गिरना तय है। अगर तूफान की वजह से टावर गिरता तो नुकसान ज्यादा होगा। इसलिए पहले ही टावर को नीचे गिरा लिया गया है।
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