Fraud | कर्मचारियों के PF सहित 3.10 करोड़ हड़पे, 2 भाइयों के खिलाफ कंपनी ने दर्ज करवाया मामला
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नागपुर. लॉजिस्टिक कंपनी के नाम पर बैंक में समांतर खाता खोलकर 2 भाइयों ने कर्मचारी की भविष्य निर्वाह निधि सहित कंपनी के 3.10 करोड़ रुपये हड़प लिए. वाड़ी पुलिस ने प्राइम कार्गो मूवर्स एंड लॉजिस्टिक कंपनी के संचालक अमीन अजीज खारवा (62) की शिकायत पर मामला दर्ज किया है. आरोपियों में समाज भूषण सोसाइटी, जाफरनगर निवासी मोहम्मद फरहान मोहम्मद उस्मान मलिक (32) और आरिफ मलिक (35) का समावेश है.
अमीन के बेटे यासीर खारवा मुंबई के डोंगरी में प्राइम कार्गो एंड लॉजिस्टिक कंपनी चलाते हैं. वर्ष 2008 से कंपनी ने नागपुर में काम शुरू किया और वाड़ी के शीला काम्प्लेक्स में कार्यालय खोला. इस कार्यालय और गोदाम से विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य प्रदेश में हिंदुस्तान यूनिलीवर्स के उत्पादन पहुंचाने का काम किया जाता है. व्यापार फैला होने के कारण खारवा परिवार ने अपने रिश्तेदार फरहान को आर्थिक व्यवहार की जिम्मेदारी सौंपी थी. कर्मचारियों के वेतन और ईपीएफ जमा करने का काम भी फरहान ही करता था.
अक्टूबर 2021 में फरहान ने कंपनी से इस्तीफा दे दिया और कोलकाता में हिंदुस्तान यूनिलीवर्स में काम करने लगा. इसी दौरान उसने कंपनी के नाम पर 4 से 5 बैंकों में खाता खोला. नौकरी छोड़ने के बाद भी वह कंपनी के आर्थिक व्यवहार देख रहा था. उसे सारी जानकारी होने के कारण कंपनी ने भी आपत्ति नहीं जताई. इस बीच फरहान ने अपने भाई की आरिफ की मदद से हिंदुस्तान यूनिलीवर्स में हेराफेरी की. कंपनी के अधिकारियों ने खारवा परिवार को जानकारी दी.
खारवा परिवार ने अपनी कंपनियों का ऑडिट किया जिसमें पता चला कि फरहान और आरिफ ने मिलकर उनकी कंपनी से अलग-अलग कंपनियों को लाखों रुपयों का पेमेंट किया है. इन कंपनियों से प्राइम कार्गो का कोई लेन-देन नहीं था. कर्मचारियों के ईपीएफ का पैसा कंपनी से लिया लेकिन उनके खातों में जमा नहीं किया. कुल 7.73 करोड़ की धोखाधड़ी सामने आई. फरहान ने सारे पैसे लौटाने का लिखित आश्वासन दिया लेकिन 3.10 करोड़ रुपये नहीं लौटाए. खारवा ने पुलिस से शिकायत की. पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच आरंभ की है.
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