देवास

ग्राम बांगरदा में श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ पारंपरिक गेर माता पूजन – सैकड़ों महिलाएं सिर पर सिगड़ी लेकर पहुंचीं शीतला माता मंदिर……

देवास। डबलचौकी रोड स्थित ग्राम बांगरदा में 4 मई को पारंपरिक श्रद्धा, उत्सव और सामूहिकता के भाव के साथ गांव गेर माता पूजन का आयोजन हुआ। इस आयोजन में संपूर्ण ग्रामवासियों ने एकजुट होकर शीतला माता का सामूहिक पूजन किया और ग्राम की वर्षों पुरानी परंपरा को जीवंत रूप दिया।
शनिवार को पूजन की पूर्व संध्या पर गांव की सैकड़ों महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में कलश यात्रा निकाली, जिसमें ग्रामीण जनमानस की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली। हर गली, हर चौपाल धार्मिक गीतों, ढोल-नगाड़ों और जयकारों से गूंज उठी।

सुबह शुरू हुई शीतला माता पूजन की विशेष परंपरा-
4 मई की सुबह 6 बजे से ही गांव की महिलाएं सिर पर शीतला माता पूजन हेतु सिगड़ी रखकर मंदिर प्रांगण के लिए रवाना हुईं। यह परंपरा प्राचीनकाल से चली आ रही है। महिला द्वारा लाई गई सिगड़ी को मंदिर परिसर में उनके भाइयों द्वारा उतारा गया। यह भाई-बहन के स्नेह और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है।

वसूली पटेल ने निभाई पूजन की परंपरा-
गांव के वसूली पटेल तेजकरण सुनेर ने सर्वप्रथम माता का पूजन कर आयोजन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा, कि
हमारे गांव में यह परंपरा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि एक सामाजिक एकता का पर्व भी है। यह आयोजन हमें हमारी जड़ों से जोड़ता है और अगली पीढ़ी को हमारी सांस्कृतिक विरासत से अवगत कराता है। यह परंपरा गांव को एक बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

गांव में दिखा उत्सव जैसा माहौल-
पूरे गांव में इस दिन उत्सव जैसा माहौल रहा। हर घर में मेहमानों का स्वागत हुआ, गलियां आनंद और उल्लास से भर गईं। मंदिर परिसर को विद्युत से सुंदर रूप में सजाया गया।

युवा वर्ग ने निभाई आयोजन की मुख्य भूमिका-
इस आयोजन की समस्त व्यवस्थाएं युवा वर्ग के नेतृत्व में संपन्न हुईं। मंदिर में दर्शन की व्यवस्थाओं से लेकर सजावट, स्वच्छता और अतिथियों की सेवा में युवाओं ने प्रशंसनीय भूमिका निभाई।

समाज की एकता का प्रतीक बना आयोजन-
भारतीय जनता युवा मोर्चा के मीडिया प्रभारी सतीश चौहान ने जानकारी देते हुए बताया, कि गांव गेर माता पूजन में गांव के सभी समाज, वर्ग और आयु के लोग एक साथ उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button

कृपया खुद मेहनत करें । "धन्यवाद"