मध्यप्रदेश

मियावाकी जैसे घने वन रोपण के माध्यम से प्रकृति को समर्पित जन्मदिन

एक प्रेरणादायक पहल के अंतर्गत भारतीय जनता पार्टी व्यवसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक एवं भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य श्री जयवर्धन जोशी ने अपने जन्मदिवस को प्रकृति को समर्पित करते हुए एक हरित संकल्प के रूप में मनाया।

किसी भव्य उत्सव अथवा समारोह के बजाय श्री जोशी ने देवास के औद्योगिक क्षेत्र में मियावाकी पद्धति पर आधारित एक घने, बहुस्तरीय शहरी वन का रोपण कर जन्मदिन को एक सार्थक और स्थायी पहल में बदला। यह वन पूर्णतः स्थानीय प्रजातियों से युक्त मियावाकी जैसे जंगल की संरचना को अपनाता है, जिसमें जैव विविधता और प्राकृतिक संतुलन को बढ़ावा दिया जाता है। यह देवास जिले में मियावाकी तकनी से बनाया जा रहा पहला वन रहेगा।

यह प्रेरणा उन्हें माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की दूरदर्शी सोच और उनके मन की बात कार्यक्रम से मिली, जिसमें प्रधानमंत्री जी ने मियावाकी पद्धति से घने वन विकसित करने की आवश्यकता और सफलता के उदाहरणों का उल्लेख किया था।

“जब मन की बात में हमारे प्रधानमंत्री जी पर्यावरणीय जिम्मेदारी की बात करते हैं, तो वह हम जैसे युवाओं को गहराई से प्रेरित करती है। मैं चाहता हूँ कि मेरी छोटी-सी पहल बड़े बदलाव की ओर एक कदम बने।” — जयवर्धन जोशी

जापानी वनस्पति वैज्ञानिक डॉ. अकीरा मियावाकी द्वारा विकसित तकनीक के आधार पर यह वन पूरी तरह से देशी प्रजातियों, जैसे पीपल, नीम, अर्जुन, जामुन, करंज, गुलर, आँवला, बेल आदि से तैयार किया जा रहा है। पौधों को उच्च घनत्व में 3 से 5 प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से रोपा गया है। यह वन आगामी 2–3 वर्षों में एक आत्मनिर्भर, घना और जैव विविधता से भरपूर शहरी वन के रूप में विकसित होगा।

इस अभियान में स्थानीय स्वयंसेवकों, पर्यावरण प्रेमियों, सामाजिक संगठनों ने भागीदारी की जो सामाजिक उत्तरदायित्व और सामूहिक पर्यावरण चेतना का प्रतीक है।

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