मध्यप्रदेश

सड़क दुर्घटना के शिकार हुए तीनों पुलिसकर्मियों के आंगन में दर्द, संवेदना महसूस करने नही पहुँचा कोई भी जनप्रतिनिधि….

वतन की हस्ती तुमसे है,,,

देश भक्ति तुमसे है,,,,

जन सेवा का जज़्बा भी तुमसे है,,,

जन सुरक्षा की उम्मीद भी तुमसे है,,,

बड़े साहब के कपडों की इस्त्री, फल, सब्जी,सुरक्षा का भार भी तुमसे है,,,,,

चप्पल चोरी होने से करोड़ो के घोटालों का खुलासा तुमसे है,,,

खुद की बेटियों से लेकर समाज की नाबालिग बेटियों के दर्द की दवा तुमसे है,,,

खुद के महीने भर के बच्चे को अकेला छोड़ जनता के बच्चो की सुरक्षा तुमसे है,,,,,

बूढ़े माता पिता के इलाज से लेकर जेल के बंदी, कैदी का इलाज तुमसे है,,,,,,

अधजले, सड़े, गले शवों को कंधो पर लादना तुमसे है,,,,,,

जुलूस जलसों का लॉ एंड ऑर्डर तुमसे है,,,,,,

24 घण्टे की ड्यूटी का हिसाब तुमसे है,,,,

परिवार से दूर होकर भी ज़िम्मेदारी निभाने का दायित्व तुमसे है,,,,

शपथ ग्रहण से लेकर संसद, विधानसभा, लोकसभा, सड़कों पर सरकार गिरने से उठने का जवाब तुमसे है,,,,,

अपराधी पकड़ने के जोखिम में हर सरकारी गोली का हिसाब तुमसे है,,,,

जज साहब का सम्मान तुमसे है,,,,,

पत्रकारों का सवाल तुमसे है,,,,,,

साईकिल, गाड़ी, मकान खरीदने का हिसाब विभाग को लेना तुमसे है,,,,

अपनो की शादी छोड़ बेगानो की सुरक्षा का जिम्मा तुमसे है,,,,

पर हाय रे पुलिस बस तेरा दर्द तुझसे नही,,,,,

क्यो तेरी ही आंखों के आंसू का मोल नहीं,,,,

क्यों नेता की जवाबदारी का रोल नहीं,,,,

क्यों नहीं थम रहा पुलिस का दर्द आया सवाल तुमसे है,,,,

सलूट है उस हर खाकी को जिसका देश के लिए मर मिटना तुमसे है हमारी सम्माननीय पुलिस,,,,,

नन्ही कलम चेतन योगी#Dewas

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