देवास नेशनल लोक अदालत में 876 लंबित प्रकरणों एवं 470 प्रिलिटिगेषन प्रकरणों का निराकरण…….

नेशनल लोक अदालत में 876 लंबित प्रकरणों एवं 470 प्रिलिटिगेषन प्रकरणों का निराकरण किया गया।
’’नेषनल लोक अदालत में निराकरण कराने पर समय एवं धन की बचत होती है।’’- श्री विकास शर्मा, विषेष न्यायाधीश जिला न्यायालय देवास
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवास श्री अजय प्रकाश मिश्र के मार्गदर्शन में दिनांक 14 मार्च 2026 शनिवार को जिले के समस्त न्यायालयों में वृहद स्तर पर इस वर्ष की प्रथम ’नेशनल लोक अदालत’ का आयोजन किया गया।
विषेष न्यायाधीश एवं लोक अदालत प्रभारी श्री विकास शर्मा द्वारा दीप प्रज्जवलित कर नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर विषेष न्यायाधीष श्री विकास शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि लोक अदालत में प्रकरणों का निराकरण कराने पर पक्षकारों को समय एवं धन की बचत होती है। साथ ही उन्होंने न्यायिक अधिकारीगण और अधिवक्तागण को अधिक से अधिक प्रकरणों में राजीनामा कराने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर श्री जितेन्द्र कुषवाह, कुटुम्ब न्यायालय देवास ने संबोधित करते हुए व्यक्त किया कि- लोक अदालत न्याय पाने का सबसे आसान एवं उत्तम माध्यम है। इसका लाभ उठाएं। उन्होंने अधिवक्तागण से कहा कि वे दुगने उत्साह से लोक अदालत में भाग लें।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवास के तत्वावधान में आज आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में परिवार न्यायालय, देवास ने एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। परिवार न्यायालय के न्यायाधीश श्री जितेन्द्र कुशवाह द्वारा आज एकल बैठक में कुल 68 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। यह संख्या परिवार न्यायालय, देवास के इतिहास में किसी एक लोक अदालत में निराकृत प्रकरणों की सर्वाधिक संख्या है।
उल्लेखनीय है कि पारिवारिक विवादों का निराकरण अत्यंत संवेदनशील एवं जटिल प्रक्रिया होती है, जिसमें पक्षकारों के मध्य सहमति बनाना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। ऐसे में एक ही दिन में 68 परिवारों को न्याय एवं राहत प्रदान किया जाना न केवल श्री जितेन्द्र कुशवाह की न्यायिक कुशलता एवं अथक परिश्रम का परिचायक है, अपितु उन सभी परिवारों के लिए भी एक नई शुरुआत है जो लंबे समय से विवाद की स्थिति में थे।
नेशनल लोक अदालत में सिविल, आपराधिक, विद्युत अधिनियम, एनआईएक्ट, चैक बाउन्स, श्रम मामले, मोटर दुर्घटना दावा, बीएसएनएल आदि विषयक प्रकरणों के निराकरण हेतु जिला मुख्यालय देवास एवं तहसील स्तर पर सोनकच्छ, कन्नौद, खातेगांव, टोंकखुर्द एवं बागली में 34 न्यायिक खंडपीठों का गठन किया गया।
श्री विकास शर्मा, विशेष न्यायाधीश एवं श्री रोहित श्रीवास्तव, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विद्युत कंपनी, नगर निगम, बैंक, बीएसएनएल, बीमा कंपनी के स्टॉल पर जाकर तथा खंडपीठों का भ्रमण कर समस्त संबंधित अधिकारीगण को लोक अदालत में अधिक से अधिक संख्या में प्रकरण के निराकरण हेतु प्रेरित किया गया। राजीनामा करने वाले पक्षकारगण को स्मृति स्वरूप फलदार और फूलों के पौधे भेंट किये गये एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रेरित किया गया।
शुभारंभ कार्यक्रम में श्री जितेन्द्र सिंह कुषवाह, प्रधान न्यायाधीष, कुटुम्ब न्यायालय, श्री उमाशंकर अग्रवाल प्रथम जिला न्यायाधीश, श्री अभिषेक गौड़ पंचम जिला न्यायाधीश, श्री उत्तम कुमार डारवी द्वितीय जिला न्यायाधीश, श्री राजेन्द्र कुमार पाटीदार तृतीय जिला न्यायाधीश, श्री प्रसन्न सिंह बहरावत चतुर्थ जिला न्यायाधीश, डॉ. रविकांत सोलंकी अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, श्री भारत सिंह कनेल मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्री रोहित श्रीवास्तव सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अन्य न्यायाधीशगण श्री नीलेन्द्र कुमार तिवारी, श्रीमती साक्षी कपूर, श्रीमती दीक्षा मौर्य, श्री कुंवर युवराज सिंह, श्रीमती निकिता वार्ष्णेय पांडे, श्री प्रियांशु पांडे, श्रीमती रश्मि अभिजीत मरावी, श्रीमती किरण सिंह, श्री सौरभ जैन, सुश्री चंद्रा पवार, श्री सुभाष चौधरी जिला विधिक सहायता अधिकारी, श्री अषोक वर्मा, अध्यक्ष अधिवक्ता संघ, श्री अतुल पंड्या सचिव अधिवक्ता संघ, श्रीमती आरती खेडेकर, उपायुक्त नगर निगम, विद्युत कंपनी एवं बैंक के अधिकारीगण, लीगल एड डिफेंस काउंसेल स्टॉफ, लोक अभियोजन अधिकारीगण, अधिवक्तागण, पैरालीगल वालेंटियर्स एवं पक्षकारगण उपस्थित रहे।
नेशनल लोक अदालत में निराकृत प्रकरणों की जानकारीः-
इतिहास रचते हुए देवास जिले में आयोजित नेशनल लोक अदालत में 876 लंबित प्रकरणों का निराकरण हुआ है। संपूर्ण जिले में गठित 34 न्यायिक खंडपीठों में न्यायालयों के लंबित प्रकरणों में आपराधिक प्रकरण 264, मोटर दुुर्घटना के 58, चैक बाउन्स 171, फैमेली मेटर्स 55, विद्युत के 156, श्रम के 11, विविध के 130, सिविल के 26, कुल 876 प्रकरण निराकृत हुए जिसमें राशि रू. 12,63,40,174/-के अवार्ड की गई एवं 2086 लोग लाभांवित हुए।
निराकृत 58 क्लेम प्रकरणों में राशि रू 6,63,77,000/- के अवार्ड आपसी समझौते के आधार पर पारित किए गए। नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के 171 प्रकरण निराकृत हुए जिनमें 4,31,38,753/- रूपये के चैकों की राशि में सेटलमेंट किया गया। 39,57,228/- रूपये की राशि के 26 सिविल प्रकरणों का निराकरण हुआ।
470 प्रिलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया गया है जिसमें रूपये 69,24,107/-रू. राशि के अवार्ड पारित किए गए है एवं 896 व्यक्ति लाभांवित हुए हैं।
(रोहित श्रीवास्तव)
सचिव
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवास
पृष्ठांकन कं्र. क्यू /जिविसेप्रा/2026 देवास दिनांक 14.03.2026
प्रतिलिपिः-
- सहायक संचालक, जनसंपर्क देवास की ओर प्रचारित एवं प्रकाशित किए जाने हेतु।
(रोहित श्रीवास्तव)
सचिव
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवास




